पूज्यश्री प्रेम जी महाराज के निर्वाण दिवस (29 जुलाई) पर विशेष
29th Jul 2024
लेख पढ़ें >
पूज्यश्री प्रेम जी महाराज के निर्वाण दिवस (29 जुलाई) पर विशेष
29th Jul 2024पूज्यश्री प्रेम जी महाराज के निर्वाण दिवस (29 जुलाई) पर विशेष

सन्त वचन
परम प्रेम के धाम को, भज ले मेरे आप।
राम राम के शब्द से, पा ले प्रेम मिलाप ।।
राम सेवक संघ के वरिष्ठ साधक एवं प्रचारक (डॉ.) श्री देवेन्द्र सिंह बेरी का जब निधन हुआ तो उन दिनों पूज्यश्री प्रेम जी महाराज ग्वालियर पधारे। पूज्यश्री महाराज जी ग्वालियर के वरिष्ठ साधक (श्री मूलचन्द जी) के साथ श्री बेरी साहब के निवास-स्थान पर उनकी धर्मपत्नी जी से मिलने गए।
वहाँ पहुँचे तो श्रीमती बेरी जी अत्यन्त दुःखी, हताश, निराश प्रतीत हुई। वह बोलीं- महाराज जी! बेरी साहब चले गए, मैं अकेली रह गई इत्यादि, इत्यादि।
तब पूज्यश्री महाराजी जी बोले- युग-युग का है राम सहेला। राम भक्त नहीं रहे अकेला ।।
आप तो रोज अमृतवाणी पाठ करती हैं। ये पंक्तियाँ पढ़तीं हैं। अतः धैर्य रखिये, विश्वास रखिये तथा स्मरण रखिये कि राम नाम जपने वाला कभी अकेला नहीं होता। राम अपने भक्तों का सदैव साथी और सहायक होता है।
प्रेषक : श्रीराम शरणम्, रामसेवक संघ, ग्वालियर